subconscious mind
अवचेतन मन जिसे अंग्रेजी में subconscious mind कहा जाता है, यह वह मानसिक स्तर है जो न ही पूर्णतः चेतन होता है ना ही पूर्णतः अचेतन। हमारे अवचेतन मन में जो भी विचार होते है वे चेतन स्तर पर नहीं कार्यरत होते हैं फिर भी वह हमारे व्यवहार को प्रभावित कर रहे होते हैं।
हमारी जो आदतें हैं वो बिना चेतन के अधिक प्रयास के स्वयं संचालित होती हैं। आप गाड़ी चलाने में परफेक्ट है तो अब आपको गाड़ी के गियर बदलने में अधिक प्रयास नहीं करना पडता, आप बातें करते हुए भी आसानी से गाड़ी चला पाते हैं या कहें चीजें आटोमेटिक होने लगती है क्योंकि यह आपके अवचेतन मन में होती है।
जब हम बच्चों को पहली बार चलना या फिर थोड़े बड़े होकर लिखना सिखाते हैं तो वे पहली बार डर कर चलते हैं इसी प्रकार लिखना भी सीखते समय पहले मुश्किल लगता है फिर धीरे धीरे ये सब उनके अचेतन मन में store हो जाता है तो अंगुलियों स्वतः ही लिखने लगती हैं।
फ्रायड ने मन को तीन हिस्सों में बांटा है- चेतन, अवचेतन तथा अचेतन। अवचेतन मन हमारे मन का एक बड़ा हिस्सा है, यह चेतन व अचेतन के बीच पुल का कार्य करता है। अवचेतन मन को अत्यधिक शक्तिशाली भी बताया गया है। माना जाता है अगर आप अपने अवचेतन मन को कंट्रोल कर पाते हैं तो आप कुछ भी कर सकते हैं।
अवचेतन मन को जगाना बहुत मुश्किल नहीं है इसके लिए आपको शुरुआत में अपने विचारों को संयमित करना होगा और विचारों की सकारात्मकता के प्रति सजग बने रहना होगा, बिल्कुल उसी तरह जिस तरह आप पहली बार साइकिल चलाते समय सजग और सावधान बने रहे थे क्योंकि आप जानते थे कि ज़रा सा ध्यान हटा तो आप साइकिल से गिर जाएंगे और आपको चोट लग जायेगी।
इसी तरह आपके विचारों में ज़रा सी भी नकारात्मकता आने लगी तो आपके यही विचार अवचेतन मन में स्थायी हो जायेंगे और आपका अवचेतन मन इन्हें सच करने में जुट जाएगा और इन निगेटिव विचारों के परिणाम अच्छे नहीं निकलेंगे।
कोई भी बात या कार्य दोहराते रहने से, अवचेतन मन का हिस्सा बन जाता है। इसका अर्थ ये हुआ कि आप अपने जीवन में जिस तरह के सुधार या बदलाव चाहते हैं, जिस स्तर की सफलता हासिल करना चाहते, उन्हें अपने मन में दोहराते रहिये और ऐसा करते समय ध्यान रखिये कि शक्तिशाली विचार ही अवचेतन मन में अपनी जगह बना सकता है इसलिए विचार का दृढ़ होना बेहद ज़रूरी है।
पूरे यकीन के साथ स्पष्ट तरीके से दोहराया गया विचार निश्चित रूप से सच का रूप ले लेगा क्योंकि ऐसा कोई भी कार्य नहीं है जिसे पूरा करना अवचेतन मन की सामर्थ्य से बाहर हो।
अचेतन दिमाग, जसलाई अंग्रेजीमा अवचेतन मन भनिन्छ, मानसिक स्तर हो जुन न त पूर्ण चेतना हो न पूर्ण बेहोश हो। हाम्रो अवचेतन दिमागमा रहेका जुनसुकै विचारहरू सचेत स्तरमा काम गर्दैनन्, तैपनि उनीहरूले हाम्रो व्यवहारलाई असर गरिरहेका छन्।
हाम्रो बानी सचेत हुन धेरै प्रयास बिना आत्म-संचालित छन्। तपाईं ड्राइभिंगमा परिपूर्ण हुनुहुन्छ, त्यसैले अब तपाईं गाडीको गियर परिवर्तन गर्न धेरै प्रयास गर्नुपर्दैन, तपाईं सजिलै कुरा गर्दा वा ड्राइभ गर्न सक्नुहुन्छ चीजहरू स्वचालित हुन सुरु गर्नुहोस् किनकि यो तपाईंको अवचेतन दिमागमा छ।
जब हामी बच्चाहरूलाई पहिलो पटक हिंड्न वा लेख्न सिकाउँछौं, तब तिनीहरू पहिलो पटक डराउँछन्, त्यहि तरीकाले, लेख्न सिक्दा, यो पहिले गाह्रो देखिन्छ, त्यसपछि बिस्तारै यो सबै उनीहरूको अचेत दिमागमा भण्डार हुन्छ, त्यसपछि औंलाहरू स्वचालित रूपमा उनी लेख्न थाल्छिन्
फ्राइडले दिमागलाई तीन भागमा विभाजित गर्यो - सचेत, अवचेतन र बेहोश। अवचेतन दिमाग हाम्रो दिमागको एक ठूलो हिस्सा हो, यो सचेत र बेहोश बीचको एक पुलको रूपमा कार्य गर्दछ। अवचेतन मन पनि अत्यन्त शक्तिशाली रूपमा वर्णन गरिएको छ। यो विश्वास छ कि यदि तपाईं आफ्नो अवचेतन दिमाग नियन्त्रण गर्न सक्षम हुनुहुन्छ भने तपाईं केहि पनि गर्न सक्नुहुन्छ।
अवचेतन मनलाई जगाउन यो धेरै गाह्रो छैन। यसका लागि तपाईंले सुरुमा आफ्नो विचारहरू सन्तुलित हुनुपर्दछ र विचारहरूको सकारात्मकतामा सतर्क रहनुपर्दछ, जसरी तपाईं पहिलो पटक साइकल चलाउँदा सावधान र सावधान हुनुहुन्थ्यो किनकि तपाईंलाई थाहा छ। यदि तपाईंले थोरै ध्यान गुमाउनु भयो भने, तपाईं चक्रबाट खस्नुहुनेछ र तपाईंलाई चोट पुर्नेछ।
त्यस्तै प्रकारले, तपाइँको विचारहरूमा थोरै नकरात्मकता पनि आउन थाल्छ, त्यसपछि तपाइँका विचारहरू अवचेतन दिमागमा स्थायी हुनेछन् र तपाइँको अवचेतन दिमागले तिनीहरूलाई साकार बनाउन शुरू गर्दछ र यी नकारात्मक विचारहरूले राम्रो परिणाम प्रदान गर्दैन।
कुनै पनि चीज वा कार्य दोहोर्याएर व्यक्ति अवचेतन दिमागको अंश बन्छ। यसको मतलव तपाईको जीवनमा चाहिएको सुधार वा परिवर्तनको तपाई चाहानुहुन्छ, तपाईको सफलताको स्तर हासिल गर्न चाहानुहुन्छ, दिमागमा दोहोर्याइरहनुहोस् र यो गरिरहँदा, दिमागमा राख्नुहोस् कि केवल शक्तिशाली विचारहरूले अवचेतन दिमागमा आफ्नो ठाँउ पाउन सक्छन्। त्यसकारण यो विचारमा बलियो हुनु धेरै महत्त्वपूर्ण छ।
स्पष्ट रूपले दोहोर्याइएको विचारहरू पूर्ण विश्वासका साथ निश्चित रूपले सत्यको रूप लिन्छन् किनकि त्यहाँ त्यस्तो कुनै कार्य छैन जुन अवचेतन दिमागको शक्तिभन्दा बाहिरको हुन्छ।
हमारी जो आदतें हैं वो बिना चेतन के अधिक प्रयास के स्वयं संचालित होती हैं। आप गाड़ी चलाने में परफेक्ट है तो अब आपको गाड़ी के गियर बदलने में अधिक प्रयास नहीं करना पडता, आप बातें करते हुए भी आसानी से गाड़ी चला पाते हैं या कहें चीजें आटोमेटिक होने लगती है क्योंकि यह आपके अवचेतन मन में होती है।
जब हम बच्चों को पहली बार चलना या फिर थोड़े बड़े होकर लिखना सिखाते हैं तो वे पहली बार डर कर चलते हैं इसी प्रकार लिखना भी सीखते समय पहले मुश्किल लगता है फिर धीरे धीरे ये सब उनके अचेतन मन में store हो जाता है तो अंगुलियों स्वतः ही लिखने लगती हैं।
फ्रायड ने मन को तीन हिस्सों में बांटा है- चेतन, अवचेतन तथा अचेतन। अवचेतन मन हमारे मन का एक बड़ा हिस्सा है, यह चेतन व अचेतन के बीच पुल का कार्य करता है। अवचेतन मन को अत्यधिक शक्तिशाली भी बताया गया है। माना जाता है अगर आप अपने अवचेतन मन को कंट्रोल कर पाते हैं तो आप कुछ भी कर सकते हैं।
अवचेतन मन को जगाना बहुत मुश्किल नहीं है इसके लिए आपको शुरुआत में अपने विचारों को संयमित करना होगा और विचारों की सकारात्मकता के प्रति सजग बने रहना होगा, बिल्कुल उसी तरह जिस तरह आप पहली बार साइकिल चलाते समय सजग और सावधान बने रहे थे क्योंकि आप जानते थे कि ज़रा सा ध्यान हटा तो आप साइकिल से गिर जाएंगे और आपको चोट लग जायेगी।
इसी तरह आपके विचारों में ज़रा सी भी नकारात्मकता आने लगी तो आपके यही विचार अवचेतन मन में स्थायी हो जायेंगे और आपका अवचेतन मन इन्हें सच करने में जुट जाएगा और इन निगेटिव विचारों के परिणाम अच्छे नहीं निकलेंगे।
कोई भी बात या कार्य दोहराते रहने से, अवचेतन मन का हिस्सा बन जाता है। इसका अर्थ ये हुआ कि आप अपने जीवन में जिस तरह के सुधार या बदलाव चाहते हैं, जिस स्तर की सफलता हासिल करना चाहते, उन्हें अपने मन में दोहराते रहिये और ऐसा करते समय ध्यान रखिये कि शक्तिशाली विचार ही अवचेतन मन में अपनी जगह बना सकता है इसलिए विचार का दृढ़ होना बेहद ज़रूरी है।
पूरे यकीन के साथ स्पष्ट तरीके से दोहराया गया विचार निश्चित रूप से सच का रूप ले लेगा क्योंकि ऐसा कोई भी कार्य नहीं है जिसे पूरा करना अवचेतन मन की सामर्थ्य से बाहर हो।
अचेतन दिमाग, जसलाई अंग्रेजीमा अवचेतन मन भनिन्छ, मानसिक स्तर हो जुन न त पूर्ण चेतना हो न पूर्ण बेहोश हो। हाम्रो अवचेतन दिमागमा रहेका जुनसुकै विचारहरू सचेत स्तरमा काम गर्दैनन्, तैपनि उनीहरूले हाम्रो व्यवहारलाई असर गरिरहेका छन्।
हाम्रो बानी सचेत हुन धेरै प्रयास बिना आत्म-संचालित छन्। तपाईं ड्राइभिंगमा परिपूर्ण हुनुहुन्छ, त्यसैले अब तपाईं गाडीको गियर परिवर्तन गर्न धेरै प्रयास गर्नुपर्दैन, तपाईं सजिलै कुरा गर्दा वा ड्राइभ गर्न सक्नुहुन्छ चीजहरू स्वचालित हुन सुरु गर्नुहोस् किनकि यो तपाईंको अवचेतन दिमागमा छ।
जब हामी बच्चाहरूलाई पहिलो पटक हिंड्न वा लेख्न सिकाउँछौं, तब तिनीहरू पहिलो पटक डराउँछन्, त्यहि तरीकाले, लेख्न सिक्दा, यो पहिले गाह्रो देखिन्छ, त्यसपछि बिस्तारै यो सबै उनीहरूको अचेत दिमागमा भण्डार हुन्छ, त्यसपछि औंलाहरू स्वचालित रूपमा उनी लेख्न थाल्छिन्
फ्राइडले दिमागलाई तीन भागमा विभाजित गर्यो - सचेत, अवचेतन र बेहोश। अवचेतन दिमाग हाम्रो दिमागको एक ठूलो हिस्सा हो, यो सचेत र बेहोश बीचको एक पुलको रूपमा कार्य गर्दछ। अवचेतन मन पनि अत्यन्त शक्तिशाली रूपमा वर्णन गरिएको छ। यो विश्वास छ कि यदि तपाईं आफ्नो अवचेतन दिमाग नियन्त्रण गर्न सक्षम हुनुहुन्छ भने तपाईं केहि पनि गर्न सक्नुहुन्छ।
अवचेतन मनलाई जगाउन यो धेरै गाह्रो छैन। यसका लागि तपाईंले सुरुमा आफ्नो विचारहरू सन्तुलित हुनुपर्दछ र विचारहरूको सकारात्मकतामा सतर्क रहनुपर्दछ, जसरी तपाईं पहिलो पटक साइकल चलाउँदा सावधान र सावधान हुनुहुन्थ्यो किनकि तपाईंलाई थाहा छ। यदि तपाईंले थोरै ध्यान गुमाउनु भयो भने, तपाईं चक्रबाट खस्नुहुनेछ र तपाईंलाई चोट पुर्नेछ।
त्यस्तै प्रकारले, तपाइँको विचारहरूमा थोरै नकरात्मकता पनि आउन थाल्छ, त्यसपछि तपाइँका विचारहरू अवचेतन दिमागमा स्थायी हुनेछन् र तपाइँको अवचेतन दिमागले तिनीहरूलाई साकार बनाउन शुरू गर्दछ र यी नकारात्मक विचारहरूले राम्रो परिणाम प्रदान गर्दैन।
कुनै पनि चीज वा कार्य दोहोर्याएर व्यक्ति अवचेतन दिमागको अंश बन्छ। यसको मतलव तपाईको जीवनमा चाहिएको सुधार वा परिवर्तनको तपाई चाहानुहुन्छ, तपाईको सफलताको स्तर हासिल गर्न चाहानुहुन्छ, दिमागमा दोहोर्याइरहनुहोस् र यो गरिरहँदा, दिमागमा राख्नुहोस् कि केवल शक्तिशाली विचारहरूले अवचेतन दिमागमा आफ्नो ठाँउ पाउन सक्छन्। त्यसकारण यो विचारमा बलियो हुनु धेरै महत्त्वपूर्ण छ।
स्पष्ट रूपले दोहोर्याइएको विचारहरू पूर्ण विश्वासका साथ निश्चित रूपले सत्यको रूप लिन्छन् किनकि त्यहाँ त्यस्तो कुनै कार्य छैन जुन अवचेतन दिमागको शक्तिभन्दा बाहिरको हुन्छ।
Comments
Post a Comment